'शिव धनुष' की शक्ति से फ्रांस प्रभावित, खरीद सकता है भारत का खतरनाक हथियार

नई दिल्लीः भारतीय हथियार की शक्ति से फ्रांस प्रभावित हुआ है. रिपोर्ट्स की मानें तो भारत के पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर को खरीदने को लेकर फ्रांस बातचीत कर रहा है. इस स्वदेशी हथियार का नाम भगवान शिव के धनुष पिनाका के नाम पर रखा गया है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Feb 12, 2025, 11:12 AM IST
  • भारत के लिए मील का पत्थर
  • अभी बातचीत के स्तर पर है डील
'शिव धनुष' की शक्ति से फ्रांस प्रभावित, खरीद सकता है भारत का खतरनाक हथियार

नई दिल्लीः भारतीय हथियार की शक्ति से फ्रांस प्रभावित हुआ है. रिपोर्ट्स की मानें तो भारत के पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर को खरीदने को लेकर फ्रांस बातचीत कर रहा है. इस स्वदेशी हथियार का नाम भगवान शिव के धनुष पिनाका के नाम पर रखा गया है. अगर फ्रांस पिनाका रॉकेट को भारत से खरीदता है तो यह पहली बार होगा कि वह नई दिल्ली से हथियार खरीदेगा.

भारत के लिए मील का पत्थर

फ्रांस, रूस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है. इस संभावित डील को भारत के रक्षा निर्यात में मील का पत्थर माना जा रहा है. भारत दुनिया में हथियारों के आयातक के रूप में जाना जाता है. लेकिन अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जा रहा है. मेक इन इंडिया अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर रक्षा उत्पादन को तरजीह दी जा रही है. 

अभी बातचीत के स्तर पर है डील

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) में मिसाइलों और रणनीतिक प्रणालियों के महानिदेशक उम्मालनेनी राजा बाबू ने कहा कि फ्रांस पिनाका रॉकेट के लिए सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि अभी इस संबंध में कोई डील नहीं हुई है लेकिन बातचीत जारी है. 

फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने देखा

वहीं बताया जा रहा है कि करीब 3 महीने पहले भारत में एक फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल को 90 किमी रेंज वाले इस स्वदेशी रॉकेट सिस्टम को दिखाया गया था. उन्होंने इसे संतोषजनक माना था. पीएम मोदी के फ्रांस दौरे के बीच ये अपडेट सामने आया है. 

जानिए कितनी है पिनाका की स्पीड

बता दें कि पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर 90 किमी तक सटीक निशाना लगा सकता है. इसकी गति 5800 किमी प्रतिघंटे की है. खास बात यह है कि इसे रोकना काफी चुनौतीपूर्ण है. ये हथियार प्रणाली जमीनी बलों को दुश्मन के क्षेत्र में हमला करने का ऑप्शन देती है. इसे गतिशीलता के लिए पारंपरिक रूप से ट्रक पर लगाया जाता है. 

पिनाका रॉकेट सिस्टम को लंबी दूरी के साथ बढ़ाया जा रहा है. भारतीय सेना इसका इस्तेमाल करती है. इसे 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी तैनात किया गया था. 

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