दिल्ली विधानसभा में भाजपा का दबदबा, पहली बार बने विधायकों में 85% भाजपा खेमे से
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दिल्ली विधानसभा में भाजपा का दबदबा, पहली बार बने विधायकों में 85% भाजपा खेमे से

Delhi Legislative Assembly: दिल्ली विधानसभा में सबसे युवा और सबसे वरिष्ठ विधायक दोनों भाजपा से हैं. 32 वर्षीय उमंग बजाज, जो पेशे से इंजीनियर हैं.

 

दिल्ली विधानसभा में भाजपा का दबदबा, पहली बार बने विधायकों में 85% भाजपा खेमे से

Delhi News: दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद नई विधानसभा में नए चेहरों की भरमार है. कुल विधायकों में से 47% सदस्य पहली बार विधायक बने हैं. इनमें से अधिकांश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हैं, जिसने चुनावों में शानदार जीत दर्ज की है. पहली बार विधायक बने कुल 33 सदस्यों में से 85% यानी 28 विधायक भाजपा के हैं, जबकि पांच आम आदमी पार्टी (आप) से हैं.

भाजपा के नए चेहरे और राजनीतिक विरासत
पहली बार विधानसभा पहुंचे भाजपा के विधायकों में कई प्रमुख नाम शामिल हैं. इनमें पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय भी हैं, जिन्होंने मालवीय नगर सीट से जीत हासिल की है. इसके अलावा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना के बेटे हरीश खुराना ने मोती नगर से पहली बार जीत दर्ज की है.

आप के पांच नए विधायक, राजनीतिक विरासत का प्रभाव
आप के पांच नए विधायकों में तीन ऐसे हैं, जो राजनीतिक परिवारों से आते हैं. मटिया महल से आले मोहम्मद इकबाल ने जीत दर्ज की, जो छह बार विधायक रहे शोएब इकबाल के बेटे हैं. चांदनी चौक से पुनरदीप सिंह साहनी ने जीत हासिल की, जो पूर्व विधायक परलाद सिंह साहनी के बेटे हैं. वहीं, सीलमपुर से चौधरी जुबैर अहमद ने पहली बार जीत दर्ज की, जो पूर्व विधायक मतीन अहमद के बेटे हैं.

महिला शक्ति का दमदार प्रदर्शन
इस चुनाव में महिलाओं का प्रतिनिधित्व भी मजबूत रहा. भाजपा की चार महिला उम्मीदवार पहली बार विधायक बनीं. इनमें शालीमार बाग से रेखा गुप्ता, ग्रेटर कैलाश से शिखा राय, वजीरपुर से पूनम शर्मा और नजफगढ़ से नीलम पहलवान शामिल हैं. इन महिलाओं की जीत दिल्ली विधानसभा में महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है.

सबसे युवा और सबसे वरिष्ठ विधायक भाजपा से
दिल्ली विधानसभा में सबसे युवा और सबसे वरिष्ठ विधायक भी भाजपा से हैं. 32 वर्षीय उमंग बजाज, जो पेशे से इंजीनियर हैं, उन्होंने राजिंदर नगर सीट से जीत दर्ज की और सबसे युवा विधायक बने. वहीं, 73 वर्षीय तिलक राम गुप्ता ने त्रिनगर से जीत हासिल कर सबसे उम्रदराज विधायक का खिताब पाया.

पार्षदों की मजबूत उपस्थिति
दिल्ली विधानसभा में इस बार 11 पार्षद भी पहली बार विधायक बने हैं. इनमें आप के तीन पार्षद - आले मोहम्मद इकबाल, पुनरदीप सिंह साहनी और प्रेम चौहान शामिल हैं. भाजपा के आठ पार्षद - रेखा गुप्ता, गजेंद्र सिंह द्राल, पूनम शर्मा, नीलम पहलवान, उमंग बजाज, चंदन कुमार चौधरी, शिखा राय और रविंदर सिंह नेगी भी नई भूमिका में नजर आएंगे.

नई ऊर्जा और नया जोश
इस बार की दिल्ली विधानसभा युवा जोश और अनुभवी नेतृत्व का एक अनूठा संगम है. नए चेहरे नई सोच और ऊर्जा के साथ राजधानी के विकास की दिशा तय करेंगे. राजनीतिक परिवारों से आने वाले युवा विधायक अपनी विरासत के साथ नई उम्मीदें लेकर आए हैं. वहीं, पहली बार चुने गए पार्षद अपने स्थानीय अनुभव के जरिए जनता की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझेंगे और समाधान की दिशा में काम करेंगे. नई दिल्ली विधानसभा, नए चेहरों और नई ऊर्जा के साथ राजधानी की राजनीतिक यात्रा में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है.

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