भारत-रूस की दोस्ती से बौखलाया अमेरिका, जाते-जाते बाइडेन ने चलाया ऐसा चाबुक कि कच्चे तेल की कीमतों में आया उबाल, असर आपकी जेब पर
Advertisement
trendingNow12599527

भारत-रूस की दोस्ती से बौखलाया अमेरिका, जाते-जाते बाइडेन ने चलाया ऐसा चाबुक कि कच्चे तेल की कीमतों में आया उबाल, असर आपकी जेब पर

Crude Oil Price Hike:  भारत और रूस की दोस्ती तोड़ने के लिए अमेरिका ने कई बार कोशिशें की. प्रतिबंध के बावजूद रूस से कच्चा तेल खरीदने पर भारत को कई बार गीदड़भभकी भी दी, लेकिन भारत पर इसका असर दिखा नहीं, तो अब जाते-जाते जो बाइडेन ने बड़ा दांव चल दिया है.

भारत-रूस की दोस्ती से बौखलाया अमेरिका, जाते-जाते बाइडेन ने चलाया ऐसा चाबुक कि कच्चे तेल की कीमतों में आया उबाल, असर आपकी जेब पर

Crude Oil Price: भारत और रूस की दोस्ती तोड़ने के लिए अमेरिका ने कई बार कोशिशें की. प्रतिबंध के बावजूद रूस से कच्चा तेल खरीदने पर भारत को कई बार गीदड़भभकी भी दी, लेकिन भारत पर इसका असर दिखा नहीं, तो अब जाते-जाते जो बाइडेन ने बड़ा दांव चल दिया है. बाइडन ने रूसी तेल को लेकर नया प्रतिबंध टैंकरों पर लगाया है जिससे उनकी सप्‍लाई की लिम‍िट निर्धारित हो गई है. अमेरिका की इस चाल का असर कच्चे तेल की कीमतों दिखने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों बढ़ने लगी है. 

चढ़ने लगा कूड ऑयल का भाव  

अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी आ गई है, क्रूड ऑयल की कीमतें 3% तक का बढ़ गई. कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर प्रति बैरल को पार हो गई. अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत और चीन को रूस से ऑयल इंपोर्ट करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. जिसके चलते सोमवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 1.83 प्रतिशत चढ़कर 81.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.  इस तेजी के साथ की कच्चे तेल की कीमत चार महीने के हाई पर पहुंच गई है. 

रूस से सस्ते तेल की खरीदारी में दिक्कत  

अमेरिकी ने रूस की तेल उत्पादक कंपनियों और तेल ले जाने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लगाया है. अमेरिका ने आरोप लगाया कि रूस, भारत और चीन जैसे देशों को सस्ता क्रूड ऑयल बेचकर यूक्रेन के साथ युद्ध की फंडिंग कर रहा है. इसी खीज में अमेरिका ने रूसी तेल उत्पादकों के साथ-साथ रूसी तेल ले जाने वाले 183 जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिया. इस बैन की वजह से क्रूड ऑयल की सप्लाई में परेशानी आने लगी है. रूसी तेल सप्लाई में आने वाली दिक्कतों के बीच आने वाले दिनों में भारत को ऊंचे दामों पर खाड़ी के देशों से कच्चा तेल खरीदना पड़ सकता है. अगर ऐसा ही रहा तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी आ सकती है.  कच्चे तेल की कीमतों में ये तेजी जारी रही तो आपको महंगाई का झटका झेलना पड़ सकता है. यानी आने वाले दिनों में आपको महंगे तेल की कीमतों से दो-चार होना पड़ सकता है. पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर सप्लाई चेन पर होगा. खाने-पीने से लेकर हर चीज महंगी होने लगेगी. 

आज कैसी रही क्रूड ऑयल के हालात  

 मजबूत हाजिर मांग से कारोबारियों ने अपने सौदों के आकार बढ़ा दिए जिससे वायदा कारोबार में सोमवार को कच्चे तेल का भाव 160 रुपये की तेजी के साथ 6,676 रुपये प्रति बैरल हो गया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमएसई) में फरवरी में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंध का भाव 106 रुपये यानी 2.46 प्रतिशत की तेजी के साथ 6,676 रुपये प्रति बैरल हो गया. इसमें कुल 3,914 लॉट के लिए कारोबार हुआ.  विश्लेषकों ने बताया कि कारोबारियों के अपने सौदे बढ़ाने से वायदा कारोबार में कच्चे तेल के भाव में तेजी दर्ज की गई. वैश्विक स्तर पर, न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल का भाव दो प्रतिशत की बढ़त के साथ 78.10 डॉलर प्रति बैरल हो गया जबकि ब्रेंट क्रूड का भाव 1.83 प्रतिशत चढ़कर 81.22 डॉलर प्रति बैरल रहा.  

 

Trending news