Diwali News: दिल्ली की वायु गुणवत्ता गुरुवार शाम को 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई, तथा दिवाली की रात को इसके 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचने की आशंका है. ऐसा इसलिए ये रिपोर्ट शाम की है और पटाखे अक्सर रात में फोड़े जाते हैं तो वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है.
पीटीआई के अनुसार, शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शाम चार बजे 328 दर्ज किया गया, जो बुधवार को 307 था.
आज सुबह दिल्ली वालों को सुबह उठते ही आसमान में धुंध की मोटी चादर छा गई. आनंद विहार, जो कि एक प्रमुख टर्मिनस है, वहां हवा बहुत प्रदूषित थी और AQI 'गंभीर' श्रेणी में था.
सुबह 8 बजे आनंद विहार का औसत AQI (PM10) 419 दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम 500 रहा.
हर साल, दिल्ली का आसमान पटाखों की आवाज से गूंज उठता है. पूरे शहर में पटाखे फोड़े जाते हैं. हालांकि, दिल्ली में पटाखों पर पूर्ण बैन है. ना निर्माण, ना बिक्री और ना उपयोग, किसी की भी अनुमति नहीं है, लेकिन व्यापक प्रतिबंध होने के बावजूद प्रवर्तन अधिकारी कोई हस्तक्षेप नहीं करते.
इसका परिणाम अगले दिन नहीं बल्कि अगले कई दिनों तक शहरवासियों को परेशान करता है. देखना होगा कि इस दिवाली दिल्ली प्रदूषण को कंट्रोल करने में कितना सफल रहती है.
सरकार ने उठाए कदम
दिल्ली सरकार ने पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है.
दिवाली की पूर्व संध्या पर, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने घोषणा की कि राष्ट्रीय राजधानी में पटाखों पर प्रतिबंध को लागू करने के लिए 377 टीमें बनाई गई हैं. उन्होंने कहा कि जागरूकता फैलाने के लिए अधिकारी निवासी कल्याण संघों, बाजार संघों और सामाजिक संगठनों के संपर्क में हैं. इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भी यह सुनिश्चित करने के लिए टीमें गठित की हैं कि पटाखे न फोड़े जाएं.
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