नई दिल्ली: सूडान की राजधानी खार्तूम में दर्दनाक सैन्य विमान हादसा हो गया है. बताया जा रहा है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 46 हो चुकी है. इस हादसे की जानकारी बुधवार, 26 फरवरी को स्थानीय अधिकारियों ने दी है. खार्तूम स्टेट प्रेस ऑफिस की ओर से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि विमान दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 46 हो गई है, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं.
सरकारी अस्पताल में चल रहा है इलाज
बता दें कि हताहत होने वाले लोगों में सैन्यकर्मी और नागरिक दोनों शामिल हैं. विमान ओमदुरमन के अल-हारा 75 क्षेत्र में एक घर पर गिर गया था. हादसे में घायल हुए लोगों का इलाज सरकारी अस्पतालों में किया जा रहा है.
सूडानी सेना ने जारी किया था बयान
सूडानी सेना ने बीते मंगलवार को एक बयान जारी किया था. इसमें उन्होंने कहा, खार्तूम से लगभग 22 किलोमीटर उत्तर में ओमदुरमन के वाडी सेडना एयरबेस से उड़ान भरने वाला एंटोनोव विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे इसके चालक दल और कई सैन्य अधिकारी का निधन हो गया है. इस हादसे की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है.
क्यों हुआ हादसा
एक सैन्य सूत्र ने नाम न बताने की शर्त पर हादसे के लिए तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया है. चार लोगों के चालक दल वाला यह विमान कथित तौर पर एक सैन्य मिशन पर था, जिसमें कई उच्च पदस्थ अधिकारी भी सवार थे. वहीं, इस हादसे के चश्मदीद ने बताया कि विमान कम ऊंचाई पर उड़ रहा था, लेकिन अचानक नीचे गिर गया और घनी आबादी वाले इलाके में आग लग गई.
ब्रिगेडियर जनरल, अधिकारी और सैनिक के मरने की रिपोर्ट
सूडान न्यूज के अनुसार, हादसे में एक ब्रिगेडियर जनरल, कई अधिकारी और सैनिक सहित पांच नागरिकों के मारे जाने की खबर है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट की मानें तो विमान का मलबा आवासीय घरों में बिखर गया, जिससे कुछ घरों को काफी नुकसान पहुंचा है. स्थानीय स्वयंसेवी समूह करारी प्रतिरोध समितियों ने बताया कि हादसे के बाद कई जले हुए पीड़ितों और 10 शवों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. समूह ने जीवित बचे लोगों को लगी गंभीर चोट लगने का जिक्र किया.
गृहयुद्ध को दिया बढ़ावा
बता दें कि यह हादसा सूडान में चल रहे मानवीय संकट को और बढ़ावा देता है. यहां अप्रैल 2023 से ही सूडानी सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच तनाव चल रहा है, जिसने अब गृहयुद्ध का रूप ले लिया है. अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुसार, हिंसा में 29,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और 15 मिलियन से अधिक लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हुए हैं.
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