बालाकोट के जख्म से अब तक नहीं उबरा PAK, आतंक का 'आका' 6 साल बाद भी नहीं गिन पाया लाशें!

बालाकोट एयर स्टाइक को 6 साल पूरे हो चुके हैं, जब भारतीय लड़ाकू विमानों इस एयर स्ट्राइक के साथ पूरी दुनिया को हैरान कर दिया. वहीं, पाकिस्तान आज भी इस हमले में मारे गए आतंकवादियों की संख्या सही बताने से इनकार करता है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Feb 26, 2025, 05:41 PM IST
    • पाकिस्तान नहीं बताता सही आंकड़ा
    • 6 साल बाद भी नहीं छिपा रहा संख्या
बालाकोट के जख्म से अब तक नहीं उबरा PAK, आतंक का 'आका' 6 साल बाद भी नहीं गिन पाया लाशें!

नई दिल्ली: बालाकोट में भारतीय लड़ाकू विमानों ने एयर स्ट्राइक कर पूरी दुनियाभर को चौंका दिया था. यह हमला 26 फरवरी, 2019 को किया गया था. इस हमले को 6 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी पाकिस्तान इस हमले में मारे गए आतंकवादियों की संख्या बताने से इनकार कर रहा है. इस्लामाबाद में हुई आतंकी घटनाओं में हताहतों की संख्या के बारे में भी सच नहीं बता रहा है.

पाकिस्तान ने चलाया झूठा एजेंडा

हताहतों की संख्या को रिपोर्ट करने की जगह पाकिस्तान यह झूठा एजेंडा चलाता है कि कुछ भी बड़ा नहीं हुआ. पाकिस्तान इस समय अपने सबसे खराब सुरक्षा संकट का सामना कर रहा है. 2024 में हिंसा में फिर से उछाल आया, जिसमें कुल 444 आतंकी हमलों के बीच लगभग 685 सुरक्षा बलों के सदस्यों ने जान गंवाई.

DGISPR ने किया चौंकाने वाले खुलासा

2024 पाकिस्तान के नागरिक और सैन्य सुरक्षा बलों के लिए एक दशक में सबसे घातक वर्ष साबित हुआ. इस बात का खुलासा पाकिस्तान के महानिदेशक इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशंस (DGISPR) के एक दस्तावेज से हुआ. 2024 में पाकिस्तान में नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और अपराधियों के बीच हिंसा में 2,546 लोगों की मौत हुई, जबकि 2,267 लोग घायल हो गए. 2024 में कुल हताहतों की संख्या 4,813 थी. इस साल आतंकवादी हमलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों की 1,166 घटनाएं घटी.

4 गुना अधिक हुए हमले

सुरक्षा अधिकारियों और नागरिकों पर आतंकी हमलों की संख्या, अपराधियों के खिलाफ चलाए गए सुरक्षा अभियानों की तुलना में लगभग 4 गुना अधिक थी, यानी 909 आतंकी हमले बनाम 257 सुरक्षा अभियान. हालांकि, आधिकारिक चैनलों पर पाकिस्तानी सेना के हताहतों की संख्या को बहुत कम करके बताया गया, लेकिन अब इंटेल रिपोर्ट ने पाकिस्तान के इस फर्जीवाड़े को उजागर कर दिया.

2024 में रिकॉर्ड हुए 444 आतंकी हमले

एक जांच से पता चलता है कि 2024 में रिकॉर्ड 444 आतंकी हमलों के बीच 685 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए. इनमें से लगभग 264 घटनाएं ऐसी थीं, जिनमें हताहतों की संख्या के बारे में पाकिस्तानी अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी. ये वो घटनाएं थीं, जिनमें पाकिस्तानी सेना के सैकड़ों अधिकारी मारे गए थे.

सैन्य हताहतों की संख्या बताई कम

वजीरिस्तान, शेखपुरा, लाहौर, उत्तरी वजीरिस्तान, बलूचिस्तान, दक्षिणी वजीरिस्तान, डेरा इस्माइल खान, डुकी बलूचिस्तान, मीराह, पाकिस्तान अफगानिस्तान सीमा, कश्मीर सीमा, गजनली सीमा, खैबर और सियालकोट सेक्टर जैसी जगहों पर अलग-अलग हमलों में पाकिस्तानी सेना के अधिकारी मारे गए. पाकिस्तान के ISPR ने जानबूझकर सैन्य हताहतों की संख्या कम बताई, जिस वजह से उसके सशस्त्र बलों को हुए नुकसान का वास्तविक पैमाना प्रभावी रूप से छिप गया.

सैनिकों के मौत के सम्मान को नकार रहा पाकिस्तान

कुछ आंतरिक दस्तावेजों से पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना में कारगिल युद्ध से 2024 तक, मारे गए सैनिकों की संख्या छिपाने जैसी घिनौना परंपरा देखी गई है. वे धोखा देकर और तथ्यों को छिपाकर सैनिकों की मौत के सम्मान को नकार रहे हैं, जिससे संस्था की विश्वसनीयता को ठेस पहुंची है. रिपोर्ट के मुताबिक DGISPR की विश्वसनीयता बहुत कम है, लेकिन सैनिकों की मौत को नकारना न केवल शहादत का अपमान है, बल्कि उस विनाश के एक हिस्से को नकारना भी है, जिसे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए था.

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