नई दिल्ली: भारत में इजरायल के राजदूत रियुवेन अजार ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कार्यकाल की काफी प्रशंसा की है. उन्होंने एक इंटरव्यू में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि उनकी दोस्ती देश के लिए बहुत खास है. अजार का कहना है, 'हम वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हैं. उनकी दोस्ती हमारे लिए बहुत खास है.'
सबसे पहले पीएम मोदी ने किया था फोन
अजार ने आगे कहा, 'हमने देखा कि 7 अक्टूबर को हए हमास हमले के बाद सबसे पहला फोन हमें पीएम मोदी ने किया था. दरअसल, ये हमला इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए एक बड़ा झटका था. इस मुश्किल वक्त में नेतन्याहू के जख्मों पर मरहम लगाने वालों में सबसे पहले शख्स पीएम मोदी थे.
आने वाले वर्षों में करेंगे साथ काम-अजार
पीएम मोदी के समर्थन को लेकर अजार का कहना है कि वे डेढ़ साल में किस तरह हमारे साथ खड़े रहे, हम जानते हैं कि हम कई चीजों को लेकर एक जैसा ही सोचते हैं. हमारे सामने लगभग एक समान चुनौतियां हैं. इसलिए, मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हम एक साथ कई और चीजें मिलकर कर पाएंगे.'
भारत को माना उभरती हुई शक्ति
इजरायली राजदूत ने भारत को दुनियाभर में एक उभरती हुई शक्ति भी कहा है, जो इजरायल के लिए न केवल एक व्यापारिक भागीदार के रूप में, बल्कि इसकी आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक तत्व के रूप में भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है. अजार का मानना है कि भारत और इजरायल के बीच बढ़ती महान साझेदारी का श्रेय दोनों देशों के नेताओं- प्रधानमंत्री मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को जाता है, क्योंकि वे समान दृष्टिकोण रखते हैं और दोनों का एजेंडा विकास है.
स्वतंत्रता में रखते हैं विश्वास
अजार ने कहा, 'वे स्वतंत्रता में विश्वास रखते हैं. वे मुक्त बाजार और सुधार में विश्वास करते हैं. यही बातें उन्हें साथ लाई हैं. हम रक्षा, रक्षा उद्योग, सिंचाई और जल-संबंधी कई मुद्दों पर भारत के साथ काम कर रहे हैं. अब, हमारे सामने उच्च तकनीक और इनोवेशन जैसे मुद्दों पर काम करने की चुनौती है, जो अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव डालते हैं.'
प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया था
दोनों देशों के बीच बढ़ती साझेदारी को रेखांकित करते हुए, इजरायली राजदूत ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के निमंत्रण पर इस महीने की शुरुआत में इजरायल के अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत के नेतृत्व में सीईओ प्रतिनिधिमंडल की ऐतिहासिक उच्च स्तरीय यात्रा पर ध्यान केंद्रित किया. स्वास्थ्य सेवा, साइबर और एचएलएस, ऊर्जा, ऑटोमोटिव, खुदरा, लॉजिस्टिक्स और हाई-टेक क्षेत्रों के 100 से अधिक शीर्ष इजरायली सीईओ वाले प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया था.
भारत संग काम करना चाहता है इजरायल
अजार ने कहा, 'करीब 80 से 100 कंपनियां यहां कारोबार करने आईं. उन्होंने भारतीय कंपनियों से मुलाकात की. हम बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी साथ मिलकर काम करना चाहते हैं क्योंकि भारत के पास इस क्षेत्र में देने के लिए बहुत कुछ है. हम व्यापार को आसान बनाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं. हमने उन सभी चीजों की रूपरेखा तैयार कर ली है जिन्हें हम साथ मिलकर करना चाहते हैं. हम भारत सरकार के साथ मिलकर बहुत गंभीरता से काम कर रहे हैं... मुझे उम्मीद है कि इस साल जैसे-जैसे हम इस युद्ध से बाहर आ रहे हैं, काम करने के लिए और उत्साहित हो रहे हैं और हम इसे हासिल भी कर लेंगे.'
ये भी पढ़ें- भयंकर सैन्य विमान हादसे से कांपा सूडान, 2 साल से गृहयुद्ध से जूझ रहा देश