China New proposal be implemented in Ladakh: भारत और चीन में पूर्वी लद्दाख में LAC को लेकर कई सालों से विवाद है. अब दोनों देश अपने रिश्तों को बेहतर और सामान्य बनाने में जुटे हुए हैं. इसपर दोनों देशों की तरफ से पहल जारी है.
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India-China Relations: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे वक्त से जारी तनाव को लेकर एक अहम खबर सामने आई है. चीन के रक्षा मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को LAC गतिरोध पर एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाएं सीमा विवाद को सुलझाने के प्रस्तावों को प्रभावी रूप से लागू कर रही हैं. मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल वु कियान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मौजूदा वक्त में सीमा क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल वु कियान ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में पूर्वी लद्दाख सेक्टर में स्थिति के सामान्य होने से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘वर्तमान में चीनी और भारतीय सेनाएं सीमा क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तावों को व्यापक और प्रभावी तरीके से लागू कर रही हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए भारतीय पक्ष के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं.’
पूर्वी लद्दाख से सैनिकों की वापसी
भारत और चीन ने पिछले साल के आखिर में देपसांग और डेमचोक से सैनिकों की वापसी के लिए एक समझौते को अंतिम रूप देने के बाद सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है. पूर्वी लद्दाख में स्थित टकराव वाले इन दो जगहों से सैनिकों की वापसी के साथ, चार साल से ज्यादा वक्त से संबंधों में जारी गतिरोध खत्म हो गया. समझौते को अंतिम रूप दिये जाने के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 23 अक्टूबर को रूस के कज़ान में वार्ता की.
अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री में क्या हुई बात?
मीटिंग में दोनों पक्षों ने अलग-अलग तंत्रों को बहाल करने का फैसला लिया था. इसके बाद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पिछले साल 18 दिसंबर को बीजिंग में 23वीं एसआर लेवल की बातचीत की.
विदेश सचिव की चीन यात्रा
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 26 जनवरी को चीन दौरे पर गए थे. इस दौरान उन्होंने राजधानी की यात्रा की थी और अपने चीनी समकक्ष सुन वेइदोंग के साथ बातचीत की. सिलसिलेवार बातचीत के बाद दोनों देश बाइलेट्रल रिलेशन्स को सामान्य बनाने की प्रक्रिया में जुटे हुए हैं. भारत का कहना है कि जब तक सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल नहीं होगी, चीन के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते. ( इनपुट- भाषा )