Prakash Jha Top 5 Hit Movies: प्रकाश झा भारतीय सिनेमा के उन निर्देशकों में से एक हैं, जो अपनी फिल्मों के जरिए समाज की सच्चाई को बेबाकी से पेश करते हैं. जहां संजय लीला भंसाली अपनी भव्य सेट्स और कॉस्ट्यूम्स के लिए जाने जाते हैं, वहीं प्रियदर्शन अपनी कॉमेडी फिल्मों के लिए मशहूर हैं. प्रकाश झा की खासियत ये है कि उनकी फिल्में सामाजिक मुद्दों पर आधारित होती हैं और वे लीक से हटकर कहानियां दिखाने में माहिर हैं. आज उनके 73वें जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में बताएंगे, जिनके बारे में कम सुना गया है, लेकिन वे दमदार हैं.
प्रकाश झा ने 1984 में अपनी पहली फिल्म 'हिप हिप हुर्रे' बनाई थी, जो काफी पसंद की गई थी. इसके बाद 1985 में उन्होंने 'दामुल' बनाई, जो बिहार के सामाजिक ताने-बाने पर आधारित थी. ये फिल्म गया जिले के शैवाल की कहानी पर बनी थी और इसे बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड मिला. इसमें अन्नू कपूर, श्रीला मजूमदार और मनोहर सिंह जैसे कलाकार नजर आए थे. इस फिल्म में दलित शोषण और सामाजिक अन्याय को बारीकी से दिखाया गया था, जिससे इसे आलोचकों की भी खूब सराहना मिली.
1996 में आई फिल्म 'बंदिश' एक रोमांटिक थ्रिलर थी, जिसमें जैकी श्रॉफ, जूही चावला और शिल्पा शिरोडकर जैसे शानदार कलाकार एक साथ नजर आ रहे हैं. ये फिल्म प्यार, धोखा और बदले की कहानी पर आधारित है. प्रकाश झा ने इस फिल्म में थ्रिल और रोमांस का अच्छा मेल बैठाकर इसको बड़े पर्दे पर उतारा था, जिसको दर्शकों ने बेहद पसंद भी किया था. हालांकि ये उनकी बाकी फिल्मों की तरह सामाजिक मुद्दों पर आधारित नहीं थी, लेकिन इसमें इमोशन्स और ड्रामा भरपूर था.
1989 में आई फिल्म 'परिणति' भी प्रकाश झा की सबसे खास फिल्मों में से एक थी. ये कहानी फेमस लेखक विजयदान देथा की शॉर्ट स्टोरी पर आधारित थी. इसमें समाज में महिलाओं की स्थिति को दिखाया गया था. इस फिल्म को बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. प्रकाश झा की ये फिल्म भले ही कम चर्चाओं में रही है, लेकिन इसकी कहानी और दर्शकों के सामने पेश करने के बेहतरीन तरीके ने हर किसी को हिला कर रख दिया था और लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया था.
साल 2001 में रिलीज हुई इस फिल्म को सुभाष घई ने प्रोड्यूस किया था. ये फिल्म एक अमीर लड़की और गरीब लड़के की प्रेम कहानी पर आधारित थी. समाज और परिवार की बंदिशों के कारण उनके रिश्ते में कई परेशानियां आती हैं, लेकिन आखिर में सच्चाई सामने आ ही जाती है. प्रकाश झा ने इस फिल्म में प्यार और सामाजिक मतभेदों को बहुत खूबसूरती से दिखाया था. हालांकि, ये उनकी बाकी फिल्मों की तरह गंभीर विषय पर नहीं थी, लेकिन इसकी कहानी दिल छू लेने वाली थी.
साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म 'मृत्युदंड' भी सामाजिक मुद्दों पर आधारित थी. इसमें माधुरी दीक्षित, शबाना आज़मी, अयूब खान और ओम पुरी जैसे शानदार कलाकार एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आए थे. ये फिल्म महिलाओं के अधिकारों और समाज में उनके संघर्ष की कहानी दिखाती है. फिल्म को इसके दमदार विषय और शानदार अभिनय के लिए काफी सराहा गया था. प्रकाश झा ने इस फिल्म के जरिए ग्रामीण भारत की सच्चाई को बहुत ही प्रभावशाली ढंग से दिखाया था. आज भी इस फिल्म को काफी पसंद किया जाता है.
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