पति-पत्नी अगर एक ही पेशे में हैं, तो उनके बीच इगो क्लैश के खतरे बढ़ जाते हैं, लेकिन अगर वो एक-दूसरे को समझें, सपोर्ट करें और हेल्दी कॉम्पिटिशन को अपनाएं, तो ये रिश्ते को और मजबूत बना सकता है.
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Husband wife Relation: मौजूदा वक्त में कई मैरिड कपल्स एक ही प्रोफेशन में काम कर रहे हैं. डॉक्टर-डॉक्टर, टीचर-टीचर, आईटी सेक्टर में काम करने वाले पति-पत्नी, यहां तक कि बिजनेस में भी हसबैंड-वाइफ की पार्टनरशिप आम हो गई है. हालांकि, एक जैसा करियर होने के कई फायदे हैं, लेकिन इसके साथ ही कुछ चुनौतियां भी आती हैं। सबसे कॉमन चैलेंज होता है इगो क्लैश, जो रिश्ते पर बुरा असर डाल सकता है. लेकिन अगर सही स्ट्रेटेजी अपनाई जाए तो इससे बचा जा सकता है और रिलेशनशिप को मजबूत बनाया जा सकता है.
इगो क्लैश क्यों होता है?
जब हसबैंड-वाइफ एक ही प्रोफेशन में होते हैं, तो उनमें कॉम्पिटिशन की फीलिंग आ सकती है. अगर किसी एक को प्रमोशन मिल जाए या बेहतर परफॉर्म करने का मौका मिले, तो दूसरे को इनसिक्योरिटी महसूस हो सकती है. इसके अलावा, अगर एक पार्टनर ज्यादा कामयाब हो जाए तो दूसरे के अंदर जलन, सेटिस्फेक्शन की कमी या इनफीरियॉरिटी कॉम्प्लेक्स हो सकता है. ये स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब दोनों की वर्किंग स्टाइल या नजरिया अलग-अलग हों.
टकराव से बचने के आसान उपाय
1. प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को अलग रखें
काम और घर के मैटर को मिक्स न करें. ऑफिस की परेशानियों को घर लाना या घरेलू तनाव को ऑफिस में ले जाना रिश्ते के लिए नुकसानदेह हो सकता है. कोशिश करें कि घर पर ऑफिस की बातें न करें, ताकि आपसी समझ बनी रहे.
2. एक-दूसरे की सक्सेस को एक्सेप्ट करें
कई बार हसबैंड-वाइफ में ये फीलिंग आ जाती है कि "मैंने ज्यादा मेहनत की, लेकिन कामयाबी उसे मिली." ये सोचने के बजाय एक-दूसरे की अचीवमेंट पर गर्व करें और साथ में सेलिब्रेट करें.
3. कंपेयर करने से बचें
अपने पार्टनर से तुलना करना और ये सोचना कि कौन बेहतर कर रहा है, रिश्ते में तनाव ला सकता है. दोनों की क्षमता और जर्नी अलग-अलग हो सकती है, इसलिए हेल्दी कॉम्पिटिशन को अपनाएं.
4. खुले दिल से बातचीत करें
अगर किसी बात को लेकर मन में कोई डिससेटिस्फेक्शन है तो उसे छिपाने की बजाय खुले दिल से अपने पार्टनर से बात करें. कम्युनिकेशन गैप से ही गलतफहमियां पैदा होती हैं, इसलिए समय-समय पर बातचीत जरूरी है.
5. टीमवर्क को बढ़ावा दें
एक-दूसरे को कॉम्पेटिटर नहीं, बल्कि टीम मेंबर मानें. अगर दोनों मिलकर एक-दूसरे को सपोर्ट करेंगे, तो प्रोफेशनल और पर्सनल दोनों ही जीवन में बैलेंस बना रहेगा.