Ramadan 2025: क्या अलग-अलग लफ़्ज़ हैं रमज़ान और रमदान, जानिए क्या है अंतर और कैसे हुआ इन शब्दों का ईजाद
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Ramadan 2025: क्या अलग-अलग लफ़्ज़ हैं रमज़ान और रमदान, जानिए क्या है अंतर और कैसे हुआ इन शब्दों का ईजाद

Ramadan 2025: रमज़ान का पाक महीना 28 फरवरी से शुरु हो रहा है. कल से अगले 30 दिनों में तक मुस्लिमों में रोज़े रखे जाएंगे. लेकिन कुछ लोग रमज़ान को रमदान भी कहते हैं. क्यों दोनों शब्दों का अलग अर्थ होता है और इन शब्दों की उत्पत्ति कैसे हुई. आइये इस लेख में दूर करते हैं आपकी कन्फ्यूजन. 

Ramadan 2025: क्या अलग-अलग लफ़्ज़ हैं रमज़ान और रमदान, जानिए क्या है अंतर और कैसे हुआ इन शब्दों का ईजाद

Ramadan 2025: इस्लामिक कैलेंडर के नौंवे महीना को रमज़ान कहते है. साल 2025 में रमज़ान का पाक महीना 28 फरवरी से शुरू हो रहा है. मरकजी चांद कमेटी फरंगी महली के अध्यक्ष व ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नक़वी ने भी शुक्रवार 28 फरवरी को रमज़ान का मुकद्दस महीना शुरू होने का ऐलान कर दिया है. 

क्या होता है रमज़ान का मतलब
रमज़ान शब्द रम्ज़ से लिया गया है. इसका अर्थ होता है. -" छोटे पत्थरों पर पड़ने वाली सूर्य की अत्यधिक गर्मी". वैसे अगर गौर किया जाए तो तकरीबन इन्ही दिनों से सूर्य की गर्मी बढ़ना शुरू हो जाती है. मानत (मान्यता) है कि रमज़ान के महीने में में क़ुरआन नाज़िल (उत्पत्ति) हुई थी. इसीलिए इसी मुस्लिम मजहब में सबसे पाक (पवित्र) महीना माना जाता है. 

रमज़ान और रमदान में केवल भाषा का फर्क
कुछ लोगों का मानना है कि रमज़ान को अंग्रेजी में रमदान कहते हैं. लेकिन ऐसा नहीं है आप इस कन्फ्यूजन में न पड़ें. रमदान और रमज़ान में जो फ़र्क है वो केवल उर्दू और अरबी भाषा की वजह से है. इंग्लिश में Z का उच्चारण उर्दू के अक्षर 'ज़्वाद' से होता है. लेकिन अरबी में Z का उच्चारण DH से होता है. इसीलिए अरबी में रमज़ान को रमदान कहते हैं. 

रमज़ान और रमदान दोनों में ही श्रद्धा एक समान है. हालांकि बीते कुछ वर्षों से बहुत से लोग भारतीय उपमहाद्वीप में भी रमज़ान को रमदान कहने लगे हैं. 

रोज़े का अर्थ और महत्व
रोज़े को अरबी भाषा में सोम कहते हैं, जिसका अर्थ होता है रुकना. यानी रोज़ा संदेश देता है कि तमाम बुराइयों से खुद को रोकना या परहेज़ करना. रोज़ा इसलिए फर्ज (नैतिक जिम्मेदारी) किया जाता है ताकि हम बुराइयों से बचें उनसे डरें और अपने अंदर विनम्रता ला सकें. 

रोज़ा पर भूखे क्यों रहते हैं ?
ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि भूखा रहने का मतलब ही रोज़ा होता है. लेकिन दरअसल रोज़ा हमें उन लोगों की भूख और प्यास का अहसास कराता है जो गरीबी और बदहाली की वजह से भूखे-प्यासे रहने को मजबूर होते हैं. रोज़ा का मतलब होता है कि हम भी गरीबों की भूख और प्यास का अहसास कर सकें. 

रोज़ा रखने के स्वास्थ्य संबंधी फायदे 
रोज़ा रखना कई मायनों में स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है. रोज़ा रखने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल, शुगर आदि पर नियंत्रण रखने में मदद मिलती है. साथ ही यह अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना भी सिखाता है. क्योंकि पूरा दिन रोज़ा रखने वाले को खाने और पीने से परहेज रखना होता है.

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