गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो चुका है और अब इसके उद्घाटन की तैयारी की जा रही है. अप्रैल में संभावित लोकार्पण के बाद इस पर वाहन तेज़ रफ्तार से दौड़ सकेंगे.
91.35 किलोमीटर लंबा यह चार लेन का एक्सप्रेसवे गोरखपुर से आजमगढ़ तक जाएगा और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इसके शुरू होने से लखनऊ-गोरखपुर का सफर सिर्फ साढ़े तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा.
गोरखपुर, संतकबीरनगर, अंबेडकरनगर और आजमगढ़ के लोगों को इससे सीधा लाभ मिलेगा. व्यापार, उद्योग और पर्यटन के लिहाज से भी यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण होगी.
बेलघाट में सरयू नदी की धारा से कटाव रोकने के लिए सेतु निगम ने तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है. शीट पाइल की दीवार, टेक्सटाइल ट्यूब और ड्रेजर चैनल जैसी तकनीकों से एप्रोच को सुरक्षित किया गया है.
सरयू नदी के कटाव से बचाव और अन्य सुरक्षा उपायों पर सरकार ने करीब 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए हैं, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो.
अन्य एक्सप्रेसवे की तरह यहां भी दो बड़े यूटिलिटी सेंटर बनाए जा रहे हैं. इनमें पेट्रोल पंप, सीएनजी स्टेशन, होटल, रेस्टोरेंट और वाहन मरम्मत की सुविधाएं होंगी.
अभी लोकार्पण से पहले ही लोग बिना मानकों के इस एक्सप्रेसवे पर वाहन चला रहे थे, जिससे कई हादसे हो चुके हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूपीडा ने दोनों छोर पर बोल्डर रखकर रास्ता ब्लॉक कर दिया है.
हरनही, सिकरीगंज और बेलघाट में इंटरचेंज तैयार किए जा रहे हैं, जहां से वाहन एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकेंगे. टोल प्लाजा और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का कार्य भी तेज़ी से पूरा किया जा रहा है.
राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द जनता को समर्पित करना चाहती है. सभी बची हुई तैयारियां मार्च के अंत तक पूरी कर ली जाएंगी, ताकि अप्रैल में इसका भव्य लोकार्पण हो सके.
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