Rajasthan Assembly: विधानसभा के बजट सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध छह दिनों से जारी है, और आज भी इस गतिरोध के टूटने की संभावना कम है. यह गतिरोध विभिन्न मुद्दों पर असहमति के कारण उत्पन्न हुआ है, जिसमें महाकुंभ में भगदड़, संभल में हिंसा और अमेरिका द्वारा भारतीयों का अपमान शामिल है.
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Rajasthan Assembly: विधानसभा के बजट सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच छह दिनों से गतिरोध जारी है. देर रात तक सुलह की कोशिशें की गईं, लेकिन बात नहीं बन सकी. आज वित्त मंत्री दिया कुमारी बजट बहस का जवाब देंगी, लेकिन सदन में गतिरोध टूटने की संभावना कम है.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के भाषण की संभावना गतिरोध दूर होने पर निर्भर करती है. यदि गतिरोध बना रहता है, तो कांग्रेस विधायक विधानसभा के बाहर धरने पर बैठेंगे और सदन बिना विपक्ष के चलेगा. यह स्थिति राजस्थान विधानसभा के लिए एक नया इतिहास बना सकती है, खासकर अगर नेता प्रतिपक्ष का बजट बहस पर भाषण नहीं होता है. इससे पहले इसी सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर भी नेता प्रतिपक्ष का भाषण नहीं हुआ था.
वित्त मंत्री दिया कुमारी आज सदन में बजट बहस का जवाब देंगी, जिसमें कई बड़ी घोषणाएं संभव हैं. इन घोषणाओं में सड़क, पानी, शिक्षा, भर्तियां, अस्पताल, कानून-व्यवस्था और सरकारी कर्मचारियों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हो सकते हैं. यह घोषणाएं राजस्थान के विकास और नागरिकों के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
सदन के गतिरोध को लेकर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया है कि सदन नियमानुसार चलेगा और निलंबित सदस्य बाहर रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अन्य विपक्षी सदस्यों को सदन में आने और कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति होगी. हालांकि, गतिरोध का हल निकालने के लिए बातचीत के दरवाजे खुले हैं. देवनानी ने कहा कि पहले भी निलंबन हुए हैं और सदन सुचारू रूप से चला है.
सदन में गतिरोध दूर होने की संभावना पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा है कि यह गतिरोध कांग्रेस की अंतर्कलह से जुड़ा है. उनका मानना है कि दिल्ली में अपने नंबर बढ़ाने के चक्कर में एक नेता नहीं चाहते कि उनकी ही पार्टी के नेता प्रतिपक्ष सदन में बोलें. पटेल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और उन्होंने गतिरोध दूर करने के प्रयास किए, लेकिन कांग्रेस ने अपने रुख से पीछे नहीं हटा. फिलहाल, गतिरोध दूर होने की संभावना कम ही लगती है.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्पष्ट किया है कि वे सदन में बोलने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए सत्तापक्ष को उनकी मांगों पर सहमति देनी होगी. जूली ने कहा कि वे प्रदेश की आठ करोड़ जनता के मुद्दों पर सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन सत्तापक्ष इसे रोकने की कोशिश कर रहा है. उनकी मांगों में छह विधायकों के निलंबन की बहाली, इंदिरा गांधी के लिए मंत्री की ओर से बोले गए दादी शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाना और मंत्री के माफी मांगना शामिल है. यदि सत्तापक्ष इन मांगों को पूरा नहीं करता है, तो विपक्ष विधानसभा के बाहर धरने पर बैठेगा.
क्यों सदन में हुआ गतिरोध?
राजस्थान विधानसभा में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. इसका कारण मंत्री द्वारा इंदिरा गांधी को "दादी" कहने और कांग्रेस के छह विधायकों के निलंबन को लेकर कांग्रेस द्वारा सदन का बहिष्कार करना है. सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों एक-दूसरे पर गतिरोध के लिए दोष मढ़ रहे हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दिनभर आपस में चर्चा की और आगामी रणनीति पर मंथन किया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अशोक गहलोत, सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा से वार्ता की. विपक्ष का दावा है कि उन्होंने सत्तापक्ष के नेताओं से भी संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका. उधर, भाजपा नेताओं के बीच भी विधानसभा सत्र चलाने को लेकर चर्चा हो रही है और भाजपा आलाकमान ने विधानसभा में हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है.
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