Rajasthan Roadways: राजस्थान रोडवेज को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ से बंपर कमाई हुई. 144 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ. 14 जनवरी से 26 फरवरी तक बसों का संचालन किया गया. इससे रोडवेज को 5.46 करोड़ रुपये की आय हुई. महाकुंभ से 52.37 रुपये प्रति किमी की आय हुई.
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Rajasthan Roadways: राजस्थान रोडवेज को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ से बंपर कमाई हुई. 144 साल बाद प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हुआ. कल 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि के दिन अमृत स्नान के साथ महाकुंभ का समापन हुआ. इस महाकुंभ ने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ आस-पास के राज्यों को भी काफी लाभ पहुंचाया है.
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ऐसे में हर दिन लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु कुंभ में आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दावा कर चुके हैं कि कुंभ के आयोजन में 1500 करोड़ रुपये खर्च हुए और बदले में 3 लाख करोड़ का लाभ हुआ. महाकुंभ के चलते राजस्थान परिवहन निगम को काफी प्रॉफिट हुआ.
महाकुंभ राजस्थान परिवहन निगम को हुआ बंपर प्रॉफिट
प्रयागराज महाकुंभ से रोडवेज को बंपर आय हुई. 14 जनवरी से 26 फरवरी तक बसों का संचालन किया गया. इससे रोडवेज को 5.46 करोड़ रुपये की आय हुई. 10.44 लाख किलोमीटर बसों का संचालन किया गया. महाकुंभ से 52.37 रुपये प्रति किमी की आय हुई.
88 फीसदी बसों में यात्रीभार रहा. कुल 71092 यात्रियों ने रोडवेज बसों में महाकुंभ के लिए यात्रा की. रोडवेज चेयरमैन शुभ्रा सिंह और MD पुरुषोत्तम शर्मा के निर्देशन में सफल संचालन किया गया. प्रयागराज में लगाई गई टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
राजस्थान रोडवेज महाकुंभ के लिए 7 बसें चलाई थी. जिसमें से 3 स्लीपर बस और एक सुपर लग्जरी वोल्वो बस शामिल थी. रोडवेज प्रयागराज के लिए तीन बसें पहले से चला रहा था. ऐसे में कुल 7 बसों का संचालन राजस्थान रोडवेज ने की तरफ से किया गया था. ऐसे में जयपुर से दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक हर आधे घंटे में प्रयागराज के लिए बसें चलाई गई थी.
बता दें कि पहले से चलाई जा रही तीनों बसों का किराया 1087 रुपये था. रोडवेज ने यात्रियों की व्यवस्थाओं के लिए 4 अधिकारी लगाए थे. सहायक संभाग प्रबंधक अमितेश यादव नोडल अधिकारी थे. संस्थापन अधिकारी विष्णु पारीक को समन्वयक लगाया गया था. ये सभी 17 जनवरी से 27 फरवरी महाकुंभ मेला अवधि के लिए लगाए गए थे.