मार्च में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, IMD ने दी चेतावनी; 40 डिग्री के पार जा सकता है तापमान
Advertisement
trendingNow12663745

मार्च में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, IMD ने दी चेतावनी; 40 डिग्री के पार जा सकता है तापमान

Weather Report: भारत में इस साल मार्च का महीना असामान्य रूप से गर्म रहने वाला है. तापमान 40 डिग्री के पार भी जा सकता है.  IMD के मुताबिक, पूरे महीने औसत से ज्यादा तापमान बने रहने की संभावना है. यह बढ़ती गर्मी देश की गेहूं की फसल के लिए खतरा बन सकती है.

मार्च में पड़ेगी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, IMD ने दी चेतावनी; 40 डिग्री के पार जा सकता है तापमान

Weather Report: देश के कई हिस्सों में मौसम में अचानक बदलाव देखा जा रहा है. कुछ राज्यों में तापमान में तेज़ी से इजाफा हो रहा है, जबकि कुछ इलाकों में बारिश और तेज़ हवाओं ने ठंडक बढ़ा दी है. उत्तर भारत में दिन के समय गर्मी बढ़ रही है, वहीं कुछ पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी है. दक्षिण और पूर्वी राज्यों में हल्की बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है. हालांकि,  आगामी 7 दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका असर मार्च महीने में देखने को मिलेगा.

भारत में इस साल मार्च का महीना असामान्य रूप से गर्म रहने वाला है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, पूरे महीने औसत से ज्यादा तापमान बने रहने की संभावना है. यह बढ़ती गर्मी देश की गेहूं की फसल के लिए खतरा बन सकती है, जिससे उत्पादन में गिरावट आ सकती है.

मार्च में रिकॉर्ड गर्मी की चेतावनी
IMD के सीनियर अफसरों के मुताबिक, मार्च में दिन और रात के तापमान सामान्य से ज्यादा रहेंगे. खासतौर पर दूसरे हफ्ते से तापमान में तेज बढ़ोतरी होगी, और महीने के अंत तक कई राज्यों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस (104°F) से ऊपर पहुंच की संभावना है.

इसका गर्मी सबसे ज्यादा असर उत्तर और मध्य भारत में देखने को मिलेगा, विशेष रूप से गेहूं उत्पादक राज्यों पर पड़ने की आशंका है. यहां का तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा हो सकता है. इस बढ़ती गर्मी का सीधा असर गेहूं, चने और सरसों की फसलों पर पड़ेगा, क्योंकि ये ठंडे मौसम में अच्छी पैदावार देती हैं.

गेहूं उत्पादन पर असर, महंगा हो सकता है आयात
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है और इस साल सरकार बेहतर फसल की उम्मीद कर रही थी. लेकिन, लगातार तीसरे साल कमजोर प्रोडक्शन के बाद अब चौथे साल भी गेहूं की पैदावार में गिरावट हो सकती है. इससे घरेलू आपूर्ति घटेगी और सरकार को 40 फीसदी इंपोर्ट कर कम करने या हटाने पर विचार करना पड़ सकता है.

महंगाई बढ़ने के संकेत
फरवरी पहले ही औसत से ज्यादा गर्म रहा, और अब मार्च में और ज्यादा तापमान बढ़ने की संभावना है. इस वजह से गेहूं की कीमतें रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच चुकी हैं. अगर गर्मी ज्यादा बढ़ी, तो फसल को हीट स्ट्रेस होगा और उत्पादन घटेगा. इसका सीधा असर खाद्य महंगाई पर भी पड़ सकता है.

2022 जैसी स्थिति दोहराने का खतरा
2022 में भी अचानक आई गर्मी ने गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिससे भारत को गेहूं निर्यात पर बैन लगाना पड़ा. अगर इस बार भी ऐसा हुआ, तो सरकार को घरेलू आपूर्ति बनाए रखने के लिए फिर से सख्त कदम उठाने पड़ सकते हैं.

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Zee News Hindi पर. Hindi News और India News in Hindi के लिए जुड़े रहें हमारे साथ.

TAGS

Trending news