Delhi Assembly Session News: नजफगढ़ से बीजेपी विधायक नीलम पहलवान ने नजफगढ़ का नाम बदलकर नाहरगढ़ करने और आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने मुहम्मदपुर का नाम माधवपुरम करने की मांग उठाई है.
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Delhi Vidhansabha Satra: वैसे तो किसी राज्य या देश में सत्ता परिवर्तन के कई कारण हो सकते हैं. जैसे सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक कारक शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से जो सबसे अहम लगता है वो है राजनीतिक असंतोष. जब जनता सरकार की नीतियों, कार्यप्रणाली या निर्णयों से असंतुष्ट होती है तो सत्ता परिवर्तन कर उसे अपने दिल और सत्ता से बाहर निकालती है. ये सत्ता परिवर्तन किया जाता है विकास के लिए, उन सुविधाओं के लिए जो या तो उन्हें मिल नहीं रही थीं या फिर सही तरीके से नहीं मिल रही थीं. नए निर्वाचित विधायकों के पास खुद को साबित करने के लिए अमूमन 5 साल का समय जनता देती है. अब ये बात अलग है कि वह इसका इस्तेमाल रचनात्मक कार्यों में करते हैं या फिर स्थानों के नाम बदलने में. आखिर नाम बदलने से जनता का क्या फायदा होने वाला? ये सवाल दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनते ही जनता के साथ विपक्षी दलों की जुबान पर आने लगे हैं.
दरअसल दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनते ही पार्टी के विधायकों ने अपनी विधानसभा और उसके अंतर्गत आने वाली जगहों के नामा बदलने की मुहीम शुरू कर दी है. नजफगढ़ से बीजेपी विधायक नीलम पहलवान ने नजफगढ़ का नाम बदलकर नाहरगढ़ करने और आरके पुरम के विधायक अनिल शर्मा ने मुहम्मदपुर का नाम माधवपुरम करने की मांग उठाई है. तिलक नगर से AAP के विधायक जरनैल सिंह ने BJP पर तीखा तंज कसा है. उन्होंने कहा कि भाजपा को अब काम की राजनीति करनी चाहिए. जरनैल सिंह ने यह भी कहा कि यदि बीजेपी सही तरीके से काम करेगी, तो उसे स्थानों के नाम बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
दिल्ली विधानसभा का मौजूदा सत्र गुरुवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है. विपक्ष के 21 विधायकों के निलंबन के बाद सदन में केवल सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक ही मौजूद हैं. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया. इसके बाद सदन में अन्य विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को उठाया.
सदन में रखा नाम बदलने का प्रस्ताव
इस दौरान, नजफगढ़ से बीजेपी विधायक नीलम पहलवान ने नजफगढ़ का नाम बदलने का प्रस्ताव सदन में रखा. उन्होंने कहा कि नजफगढ़ का नाम बदलकर नाहरगढ़ किया जाना चाहिए. नीलम पहलवान ने कहा कि औरंगजेब ने नाहरगढ़ का नाम बदलकर नजफगढ़ कर दिया था, लेकिन यह ऐतिहासिक तथ्य है कि 1857 की लड़ाई में राजा नाहर सिंह ने इस क्षेत्र को दिल्ली के प्रांत में शामिल करवाया था. कई बार इस नाम परिवर्तन के लिए उन्होंने अपील की है और इसके लिए प्रयास भी किए गए हैं, जब प्रवेश वर्मा सांसद थे तब भी इस मुद्दे को उठाया गया था. नीलम पहलवान ने आगे कहा कि अगर दिल्ली देहात क्षेत्र में मास्टरप्लान आता है तो यह क्षेत्र भी तरक्की करेगा. इसके साथ ही, उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र में जच्चा-बच्चा केंद्र की कमी का भी जिक्र किया और कहा कि खाली पड़ी जमीन पर इस केंद्र को स्थापित किया जाए.
अजय महावर ने अपने क्षेत्र की समस्या का किया जिक्र
BJP विधायक अभय वर्मा और अजय महावर ने भी अपने क्षेत्रों की समस्याओं का जिक्र किया. अभय वर्मा ने नगर निगम पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग घरों का मलबा और टूटे हुए पत्थर सड़कों पर डाल देते हैं, जिससे PWD का काम प्रभावित होता है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को रोकने के लिए PWD रोड से कूड़ा हटवाना चाहिए. वहीं, अजय महावर ने कहा कि उनकी विधानसभा में सीवर बंद हो गया है और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
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विधायक ओपी शर्मा ने लगाया आरोप
विश्वास नगर से विधायक ओ पी शर्मा ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने उनके क्षेत्र में CCTV कैमरे नहीं लगाए थे. इसी मुद्दे को उठाते हुए विजेंद्र गुप्ता और अभय वर्मा ने भी यह सवाल उठाया कि यदि हर विधानसभा क्षेत्र में 2000 CCTV कैमरे लगाए जाने थे, तो कुछ क्षेत्रों में यह सुविधा क्यों नहीं दी गई. इस पर PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने जवाब दिया कि इस मामले की जांच की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सभी उन विधानसभा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिन्हें पहले यह सुविधा नहीं मिली थी.
मुस्तफाबाद का नाम बदलने की तैयारी
इसी तरह चुनाव से पहले मुस्तफाबाद से बीजेपी प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट ने कहा था कि चुनाव जीतने पर वह मुस्तफाबाद विधानसभा का नाम बदलकर शिव विहार या कोई अन्य किया जाएगा. अब मोहन सिंह बिष्ट चुनाव जीत चुके हैं और विधानसभा के उपाध्यक्ष बनने जा रहे हैं.