पटना में सबसे प्राचीन और पवित्र शिव मंदिर का जिक्र होता है तो कई लोग सबसे पहले खाजपुरा शिव मंदिर का ही नाम लेते हैं. यह प्रसिद्ध मंदिर पिलर नंबर 26, खाजपुरा,बेली रोड में स्थित है. खाजपुरा शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग काफी पवित्र माना जाता है. इस मंदिर परिसर में स्थापित शिवलिंग के अलावा मां दुर्गा, मां अन्नपूर्णा, हनुमान और लक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित है. महाशिवरात्रि के अलावा सावन के महीने में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है.
पटना में स्थित बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर शहर के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों से एक है. यह पवित्र मंदिर पटना के बिहटा में मौजूद है. जो लाखों भक्तों के लिए आस्था का केंद्र माना जाता है. इस पवित्र मंदिर को महाभारत काल से भी जोड़कर देखा जाता है. बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर का दर्शन करने सिर्फ स्थानीय भक्त भी नहीं, बल्कि राज्य के अन्य शहरों से भी भक्त पहुंचते हैं.
पटना के गायघाट में रोड के पास में स्थित गौरीशंकर मंदिर पटना शहर का एक प्रसिद्ध और पवित्र मंदिर है. कहा जाता है कि इस मंदिर का इतिहास करीब 400 साल पुराना है, यहां हर दिन हजारों शिव भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. गौरीशंकर मंदिर के बारे में मान्यता है कि इस मंदिर परिसर में जिस भी व्यक्ति की शादी होती है, वो उम्र भर साथ रहते हैं. एक अन्य मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग खुद प्रकट हुआ है, यहां नंदी महाराज के कान में अपनी इच्छा प्रकट करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
पटना से कुछ ही दूरी पर बैकटपुर गांव में स्थित बैकुंठ नाथ धाम मंदिर एक प्राचीन और प्रसिद्ध शिव मंदिर है. इसे पटना शहर का ऐतिहासिक और पौराणिक शिव मंदिर माना जाता है. बैकुंठ नाथ धाम मंदिर के बारे में पौराणिक मान्यता है कि सावन के महीने में यहां सिर्फ भगवान शिव ही नहीं, बल्कि मां पार्वती भी विराजमान रहती है, इसलिए यहां सावन के महीने में हर दिन हजारों शिव भक्त दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं.
पटना सिटी के प्राचीन मंदिरों में से एक तिलेश्वर नाथ मंदिर लगभग 4500 साल पुराना मंदिर है. चौक के पास गुरु गोविन्द सिंह पथ पर स्थित इस मंदिर में स्वत: निकले शिवलिंग के पूरे शरीर में तिल है. जिसके कारण इस मंदिर का नाम तिलेश्वर नाथ मंदिर पड़ा. यह शिवलिंग काफी छोटे आकार में थे. हर शिवरात्रि एक-एक तिल अपने आप बढ़ रहा है. जिसके कारण शिवलिंग का आकार भी बढ़ता जा रहा है. तिल के समान बढ़ते-बढ़ते शिवलिंग आज बड़े आकार में है. वहीं, शिवलिंग के मस्तक पर अपने आप चंद्रमा बन रहा है.
पित्तल महादेव मंदिर पटना सिटी के झाऊगंज में स्थित है. इस मंदिर में नागपंचमी के दिन हर साल श्रृंगार के दौरान एक नाग कहीं न कहीं से आकर दर्शन देते है. विदेश से आए लोग इस शिवलिंग को ले जाने की कोशिश भी की पर नाकामयाब रहे. पीतल का बना होने के कारण इस मंदिर का नाम पित्तल महादेव मंदिर पड़ा.
इनपुट- निषेद
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